बैतूल। पाश्चात्य आडंबरों से परे, सनातन जीवन-दृष्टि एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप एक अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणास्पद आयोजन भारत भारती स्थित गौशाला में सम्पन्न हुआ। श्रीमती गौरी, प्रख्यात दंत चिकित्सक डॉ. शिवम शर्मा की धर्मपत्नी एवं श्री हिरेंद्र शर्मा की सुपुत्री शिवानी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर यह विशिष्ट कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पारिवारिक सदस्यों एवं इष्ट-मित्रों की सुसंस्कृत उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत दीप प्रज्वलन से हुआ, तत्पश्चात श्रद्धाभावपूर्वक गौमाता का पूजन, अर्चन एवं आरती संपन्न की गई। इस अवसर पर “121 गौ-ग्रास” की विशेष थाली अर्पित की गई, जिसे विविध ऋतुफलों एवं शाक-सब्जियों—जैसे तरबूज, खीरा, गाजर, चुकंदर, ककड़ी आदि—से सुसज्जित कर गौमाता को समर्पित किया गया। समस्त उपस्थित जनों ने इस पुण्यकर्म में सहभागी होकर गौसेवा के प्रति अपनी निष्ठा अभिव्यक्त की।

गौ-सेवक श्री उत्तम गायकवाड ने अपने उद्बोधन में हिन्दू धर्म-संस्कृति में गौमाता के अद्वितीय एवं आध्यात्मिक महत्त्व का विस्तृत विवेचन करते हुए कहा कि यदि समाज अपने व्यक्तिगत उत्सवों—जैसे जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ एवं अन्य मांगलिक अवसरों—को गौसेवा के साथ जोड़ता है, तो यह न केवल एक श्रेष्ठ पुण्योपार्जन का माध्यम बनेगा, अपितु भावी पीढ़ियों को सांस्कृतिक संस्कारों से अनुप्राणित करने का सशक्त साधन भी सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी प्रतिपादित किया कि वर्तमान समय में गौमाता के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु समाज के प्रत्येक वर्ग द्वारा समय, संसाधन एवं संवेदनशीलता का समर्पण अत्यंत आवश्यक है।
अंत में 27 अप्रैल को आयोजित होने वाली “गौ सम्मान अभियान यात्रा” में अधिकाधिक जनसमूह की सहभागिता हेतु समस्त सनातन धर्मावलंबियों से भावपूर्ण आवाहन किया गया।
इस पुण्य एवं लोकहितकारी आयोजन में प्रमुख रूप से श्री राजेश थारवानी, श्री नरेंद्र शर्मा, श्रीमती रेखा शर्मा, श्री हिरेंद्र शर्मा, डॉ. शिवम शर्मा, श्रीमती नेहा शर्मा, वेद शर्मा, राशि, अभिलाषा सहित अनेक गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
