स्वस्ति लोकसेवा समिति के तत्वाधान में आज शमशेर सिंह भोसले नगर, सोनघाटी, जिला बैतूल में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के अंतर्गत बेंगलुरु, कर्नाटक से पधारीं श्रीमती रीता रजक (गायत्री परिवार) एवं श्रीमती रूपम सक्सेना (प्रोजेक्ट मैनेजर, आईटी सेक्टर) ने पारधी बस्ती का सघन भ्रमण किया। इस दौरान अतिथियों ने बस्ती की वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन करते हुए स्थानीय रहवासियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक चुनौतियां सामने आईं, जिन पर अतिथियों ने गंभीरता से विचार करते हुए हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। इसी क्रम में बस्ती की कुछ महिलाओं ने सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की, वहीं कुछ युवाओं ने बिजली फिटिंग एवं मोटर बाइंडिंग जैसे तकनीकी कार्य सीखने की इच्छा व्यक्त की। इस पर समिति ने इन सभी के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था प्रारंभ करने तथा महिलाओं को निःशुल्क सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का वादा किया।
साथ ही विगत एक दिन पूर्व आए तेज तूफान में बस्ती के कच्चे घरों को भारी नुकसान पहुंचा, कई झोपड़ियां क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त हो गईं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अतिथियों एवं समिति सदस्यों द्वारा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पक्के, मजबूत आवास निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई, ताकि भविष्य में इस प्रकार की आपदाओं से बस्ती को सुरक्षित रखा जा सके।
इस अवसर पर बस्ती के मेधावी विद्यार्थियों का भी अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। सम्मान स्वरूप उन्हें प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई, जिससे वे अपनी पढ़ाई से संबंधित आवश्यक सामग्री क्रय कर सकें। इसके साथ ही स्वस्ति लोकसेवा समिति के सदस्यों द्वारा स्वयं 100 से अधिक विद्यार्थियों को पेन, पेंसिल, रबर, शार्पनर एवं अन्य अध्ययन सामग्री का वितरण किया गया, जिससे बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा।
कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष श्री उत्तम राव गायकवाड़, समिति सचिव श्री अचित पाठक, कोषाध्यक्ष सीए शिवम गुप्ता, संयुक्त सचिव श्री गोलू उघड़े सहित स्वस्ति लोकसेवा समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे। साथ ही ताप्ती आरोग्य फाउंडेशन से श्री कपिल डांगे, श्री राहुल वडुकले एवं श्री रोशन मगरदे का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त इंकेश राजपूत, सोनू एवं शिवांगी सहित अन्य सदस्यगणों का भी उल्लेखनीय योगदान रहा।
समस्त उपस्थितजनों ने एक स्वर में कहा कि यदि पारधी जनजाति समुदाय संगठित और एकजुट रहेगा तो समाज का समग्र उत्थान निश्चित है, और इसी दिशा में यह पहल एक मजबूत कदम साबित होगी।
