मां वर्धा उद्गम स्थल पर गायत्री यज्ञ एवं विराट हिन्दू सम्मेलन आयोजित
बैतूल। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मां वर्धा नदी के उद्गम स्थल खैरवानी में आयोजित गायत्री यज्ञ एवं विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता उत्तम गायकवाड ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर एवं तीर्थ क्षेत्रों की सुरक्षा और संरक्षण करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि मां ताप्ती उद्गम स्थल, श्रावण तीर्थ, मां वर्धा उद्गम स्थल खैरवानी, मां माचना नदी, माडू नदी, सालबल्डी, मां भवानी मंदिर हिवरा जैसे अनेक तीर्थ स्थल लाखों लोगों की श्रद्धा का केंद्र और जीवनरेखा हैं, जिनके धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को जीवित रखना अत्यंत आवश्यक है।

उत्तम गायकवाड ने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव के कारण हमारी सांस्कृतिक विरासत धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है, जिसे पुनः जागृत करने की आवश्यकता है। इससे संस्कार मजबूत होंगे, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि अब हाथ पर हाथ धरकर बैठने का समय नहीं है, बल्कि ऋषि संस्कृति और देव संस्कृति को स्मरण कर एक नई सांस्कृतिक क्रांति की आवश्यकता है।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि एक समृद्ध और उन्नत राष्ट्र के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय, ज्ञान, पुरुषार्थ और धन का एक अंश नियमित रूप से समाज हित में लगाना होगा। तभी एक सशक्त समाज और राष्ट्र की कल्पना साकार हो सकेगी।
कार्यक्रम में कथावाचक अविनाश जी, संघ के वरिष्ठ अभिषेक शर्मा, ग्राम प्रमुख पटेल जी, गोलू उघड़े जी, दिनेश पवार जी, सुदामा पाटेकर जी तथा महेंद्र कालेकर जी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
