नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर उनकी कर्मभूमि में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ग्रामोदय से राष्ट्रोदय के संकल्प को दोहराया गया। नानाजी का जीवन ग्राम विकास, स्वावलंबन और भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण को समर्पित रहा। उनका मानना था कि सशक्त गांव ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं।
इसी अवसर पर स्वानंद गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा गौमय से निर्मित नानाजी की प्रतिमा दीनदयाल अनुसंधान केंद्र के प्रमुख श्री अभय महाजन जी को भेंट की गई, जो परंपरा और विज्ञान के समन्वय का प्रेरक उदाहरण है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, डॉ. श्याम सिंह कुमरे चेयरमैन रेड क्रॉस सोसाइटी, श्री त्रिपाठी जी कुलपति छिंदवाड़ा, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री शुक्ला जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
उत्तम राव गायकवाड़ जी ने कहा कि “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” केवल नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का जीवनदर्शन है। गौ आधारित अनुसंधान, ग्रामीण उद्योग और स्वावलंबन ही नानाजी के स्वप्न को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।
गौ सेवा, संरक्षण, संवर्धन, एवं अनुसंधान को विधिवत क्रियान्वित करने का
संकल्प ही भारत को आत्मनिर्भर, संस्कारित और समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

1 thought on “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय में गौ माता की भूमिका ही नानाजी का सपना : उत्तम गायकवाड”