नर सेवा ही नारायण सेवा की उक्ति को चरितार्थ करते हुए ताप्ती आरोग्य सेवा फाउंडेशन ने शीतलहर के प्रकोप के बीच पारधी मोहल्ले में मानवीय सेवा की मिसाल पेश की। जब कड़ाके की ठंड में महिलाएं और बच्चे ठिठुर रहे थे, तभी मोहल्ले से फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना विलंब त्वरित निर्णय लिया गया और तत्काल कंबलों की व्यवस्था कर वितरण की योजना बनाई गई।
पारधी मोहल्ले के युवाओं के सहयोग से ऐसी व्यवस्था बनाई गई कि कंबल हर जरूरतमंद परिवार तक सीधे पहुंचे। बस्ती में प्रत्येक घर से सभी व्यक्तियों का एकत्रीकरण करके कंबल वितरित किए गए जिससे ठंड से जूझ रहे लोगों को तत्काल राहत मिली। इस सेवा कार्य में ताप्ती आरोग्य सेवा फाउंडेशन के कार्यकर्ता उत्तम गायकवाड, वंदना कुंभारे, डॉ. कृष्णा पाटनकर, राहुल वडुकलें, रोशन मगरदे, कपिल डांगे, पंजाब गायकवाड, संजय मकोड़े, प्रतीक गलफट, भीम धोटे और सुशीला बोड़खे की सक्रिय उपस्थिति रही।
सेवा के साथ-साथ सामाजिक समरसता का परिचय देते हुए निचले तपके को समाज के मुख्य धारा से जोड़ने के लिए शिक्षा, संस्कार, स्वावलंबन,स्वास्थ्य के लिए जागरूकता का संदेश भी दिया गया साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन को जीवन की आधारशिला बताते हुए समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर उत्तम गायकवाड जी ने संस्कारों को जीवन की मजबूत नींव बताया और कहां की संस्कार ही हमारे परिवार, समाज और राष्ट्र को शुद्रड एवं समृद्ध बनाने में रीड का कार्य करते हैं।
.स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का दिया संदेश.
डॉ कृष्ण पाटणकर ने समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने की बात कही और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया उन्होंने बताया कि नियमित जांच से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है और फाउंडेशन इस दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।
वंदना कुंभारे द्वारा सामाजिक समरसता का परिचय देते हुए कहां की हम सभी वर्ग -भेद को भुलाकर एक दूसरे के सहयोगी बनकर प्रेम और सौहार्द से कार्य करें तभी समग्र विकास संभव है और बच्चों के अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए निशुल्क कोचिंग कक्षाओं के संबंध में भी चर्चा की गई। राहुल वडुकलें ने आत्मनिर्भर और स्वावलंबी समाज निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
- निशुल्क कानूनी सलाह दी जाएगी
अधिवक्ता रोशन मगरदे ने निशुल्क कानूनी सलाहकार के रूप में सेवाएं देने का आश्वासन दिया। पंजाबराव गायकवाड ने शिक्षा के महत्व को बताते हुए शिक्षा के प्रति जागरूक होने और शिक्षा संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान रोशन मगरदे ने पुनः निशुल्क कानूनी सलाह उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
ताप्ती आरोग्य सेवा फाउंडेशन की इस पहल ने यह साबित किया कि सेवा, संवेदना और समरसता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है, जहां राहत के साथ-साथ जागरूकता भी समान रूप से जरूरी है। - स्वर्गीय पिता की स्मृति में सेवा सहयोग
इस सेवा अभियान को सफल बनाने में अचित पाठक जी का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने अपने स्वर्गीय पिता प्रमोद पाठक जी की स्मृति में इस पुनीत कार्य के लिए सहयोग प्रदान किया, जिससे जरूरतमंदों तक सहायता समय पर पहुंच सकी।

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